रात का सन्नाटा था। आंगन में बैठी एक माँ अपने बेटे के बारे में सोच रही थी –
"अब तो नौकरी लग गई है, सब ठीक है… बस अब घर में बहू आ जाए तो जीवन पूरा हो जाएगा।"
वहीं, शहर की भीड़ में एक लड़की भी सोच रही थी –
"काश! मुझे ऐसा साथी मिले जो मेरे संस्कारों को समझे, मेरे सपनों का सम्मान करे और हर कदम पर साथ खड़ा रहे।"
क्या आपने भी कभी यह सपना देखा है?
हम सब माली समाज के लोग यही चाहते हैं – रिश्ते ऐसे हों जिनमें प्यार, विश्वास और परंपरा का मेल हो।
मनीष और प्रिया दोनों माली समाज के ही थे, लेकिन अलग-अलग शहरों में रहते थे। परिवारों को चिंता थी कि सही जीवनसाथी कैसे मिलेगा।
फिर उन्होंने malilagna.com का सहारा लिया। कुछ ही दिनों में मनीष और प्रिया की प्रोफ़ाइल एक-दूसरे के सामने आई।
आज वे शादी के सातवें साल में हैं और कहते हैं –
"अगर हम malilagna.com से नहीं मिलते, तो शायद हमारी कहानी अधूरी ही रहती।"
"जहाँ दिल मिलें, वहाँ कहानी भी मिलती है,
जहाँ रिश्ते बनें, वहाँ खुशियाँ खिलती हैं।"
सिर्फ माली समाज के लिए पंजीकरण – सुरक्षा और विश्वास की गारंटी।
सत्यापित प्रोफ़ाइल – धोखे की कोई गुंजाइश नहीं।
परिवार और युवाओं दोनों की भावनाओं को समझने वाला मंच।
आसान और सरल पंजीकरण प्रक्रिया।
"सच्चा साथी वह होता है जो आपकी खामियों में भी आपकी ताकत देखे,
और आपकी खुशियों में हमेशा आपका हाथ थामे।"
साक्षी की माँ हमेशा चिंतित रहती थीं कि उनकी बेटी का जीवनसाथी संस्कारों और परंपराओं को समझे।
रोहन के पिता चाहते थे कि उनका बेटा ऐसा जीवनसाथी पाए जो उसके सपनों को समझे।
दोनों परिवार malilagna.com से जुड़े और कुछ ही समय में सही मैच मिल गया।
आज साक्षी और रोहन की शादी की खुशियाँ पूरे मोहल्ले में गूँज रही हैं।
"जब दो दिल साथ चलें, तो जीवन का हर सफर आसान हो जाता है,
और हर कदम पर खुशियाँ अपने आप मिल जाती हैं।"
हर शादी के साथ दो परिवारों की कहानियाँ जुड़ती हैं। malilagna.com पर हर रजिस्ट्रेशन एक नई उम्मीद जगाता है – नई दुल्हन के सपने, नए दूल्हे का उत्साह और माता-पिता की आँखों की चमक।
आपका जीवनसाथी शायद यहीं आपका इंतजार कर रहा हो।
आइए, जुड़ें malilagna.com से और अपने सपनों को साकार करें।