Vivah Pujan Samagri List:
भारतीय शादियां (Indian Wedding) केवल एक सामाजिक बंधन ही नहीं, बल्कि एक पवित्र अनुष्ठान भी हैं, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष महत्व होता है। शादी के दौरान किए जाने वाले विभिन्न पूजनों में विवाह पूजन सामग्री (Wedding Puja Samagri) का अहम योगदान होता है। हर सामग्री का अपना प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक महत्व होता है, जो विवाह को शुभ, मंगलमय और सुखद बनाने के लिए आवश्यक होता है।
इस सूची में उन सभी वस्तुओं को शामिल किया गया है, जो शादी के अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों जैसे गणेश पूजन, हल्दी, मेहंदी और सात फेरे के समय उपयोग की जाती हैं। इस सामग्री को सही समय पर उपलब्ध कराने से न केवल शादी की पूजन विधि (Shadi Puja Vidhi) सुचारू रूप से होती है, बल्कि दंपति के लिए सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति का मार्ग प्रशस्त होता है।
आइए, जानते हैं विवाह पूजन सामग्री (Wedding Puja Items) की संपूर्ण सूची और उनके उपयोग के बारे में।
शादी के सामान की लिस्ट (Vivah Pujan Samagri)
सामान्य पूजन सामग्री (Marriage Item List)
यह सामग्री हर प्रकार की पूजा में उपयोग होती है और इसे सभी विधियों में शामिल करना जरूरी है:
- कलश: जल से भरकर इसे आम के पत्तों और नारियल से सजाया जाता है। यह समृद्धि का प्रतीक है।
- दीपक और बाती: पूजा के दौरान आरती और रोशनी के लिए।
- अक्षत: बिना टूटे चावल, जो शुभता के प्रतीक होते हैं।
- रोली और कुमकुम: तिलक लगाने और मंगल कामनाओं के लिए।
- गंगाजल: पवित्रता और शुद्धता के लिए।
- मौली (धागा): रक्षा सूत्र बांधने के लिए।
- कपूर: आरती और हवन के लिए उपयोगी।
- फूल: गेंदे, गुलाब, और तुलसी के पत्ते पूजा में अर्पित करने के लिए।
- नारियल: प्रत्येक विधि में अर्पण के लिए।
विशेष पूजन सामग्री (Hindu Marriage Item List)
- फल: विवाह में उपयोग के लिए सेब, केला, नारंगी आदि।
- मिठाई: प्रसाद और शगुन के लिए।
- पंच मेवा: काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और अखरोट।
- सात प्रकार के अनाज: हवन में उपयोग के लिए।
- चंदन: तिलक और पूजा के लिए।
- गौरी-गणेश की मूर्ति: विवाह का शुभारंभ गौरी और गणेश पूजन से होता है।
- हवन सामग्री: गोबर के उपले, आम की लकड़ी, जौ, तिल।
पात्र और अन्य सामग्री (Utensils and Miscellaneous Items)
- तांबे का लोटा: जल अर्पण के लिए।
- थाली: पूजा सामग्री रखने के लिए।
- हवन कुंड: हवन के लिए विशेष पात्र।
- दीपक रखने का स्टैंड।
- जल पात्र और पूजा के कपड़े।
वर पक्ष हेतु विवाह पूजन सामग्री (List Of Marriage Items For Groom)
- रोली (50 मिनट): तिलक लगाने और पूजा में उपयोग।
- कलावा (मौली, 4 पैकेट): कलाई पर बांधने और शुभता के लिए।
- सिंदूर (1 पैकेट): पूजा और वधु के लिए आवश्यक।
- लोंग (1 पैकेट): हवन और पूजा में अर्पण हेतु।
- प्रतीक (1 पैकेट): शुभ चिह्न के लिए।
- सुपारी (20 नग): पूजा में चढ़ाने के लिए।
- हल्दी खड़ी (11 नग): शुभता के लिए पूजा में।
- हल्दी पीसी (150 मिनट): वर और पूजा में उपयोग।
- गंगाजल (1 बोतल): शुद्धिकरण के लिए।
- इत्र (1 शीशी): पूजा स्थल को सुगंधित बनाने हेतु।
- गुलाब जल (1 शीशी): पूजा स्थान की शुद्धि के लिए।
- लाल कपड़ा (1 मिनट): पूजा और सजावट में।
- पीला कपड़ा (1 मिनट): मंडप सजावट और पूजा के लिए।
- सरसों का तेल (1 लीटर): दीपक जलाने और रस्मों में।
- गाय का घी (500 मिनट): हवन और दीप जलाने में।
- धूपबत्ती (1 पैकेट): वातावरण को पवित्र करने हेतु।
- कपूर (100 मिनट): आरती और हवन में।
- रुई बत्ती गोल (1 पैकेट): दीपक के लिए।
- रुई बत्ती लंबी (1 पैकेट): हवन और पूजा के लिए।
- जनेऊ (5 नग): वर और पूजा के लिए।
- केवल पाव (200 मिनट): शुभ प्रतीक के लिए।
- हवन सामग्री (500 मिनट): हवन क्रिया में।
- नवग्रह चावल (1 पैकेट): नवग्रह पूजन के लिए।
- नवग्रह समिधा (1 पैकेट): हवन में।
- बताशा (200 मिनट): मिठास और शुभता का प्रतीक।
- कोहबर चार्ट (1 नग): परंपरागत रस्म के लिए।
- कंकन (1 नग): वर के लिए शुभ धागा।
- आम की समिधा (2 वाँ): हवन और पूजा में।
- दोना (1 गड्डी): पूजा सामग्री रखने के लिए।
- गठबंधन का दुपट्टा (1 नग): वर-वधु के मिलन के लिए।
- जौ (100 मिनट): कलश पूजन में।
- सजा हुआ कलश (1 नग): पूजा स्थल के लिए।
- देव-पितृ कलशी (4 नग): निमंत्रण के लिए।
- सकोरा (5 नग): रस्मों में उपयोग।
- दियाली (20 नग): दीपक जलाने के लिए।
- सजा हुआ खंभ (1 नग): मंडप सजावट में।
- कुशा बंडल (1 नग): पूजा में पवित्रता के लिए।
- सजा हुआ कनस्तर (1 नग): खंभ गाड़ने के लिए।
- बांस की छड़ी (1 नग): मंडप और परंपरा अनुसार।
- धान का लावा (250 मिनट): हवन और अन्य रस्मों में।
- लोहे का छल्ला (1 नग): शुभ प्रतीक के लिए।
- उड़द की दाल (500 मिनट): परंपरागत रस्मों के लिए।
- सजी हुई डाल (1 नग): मंडप सजावट में।
- सिंदूर: वधु की मांग भरने हेतु।
- चौकी या पीढ़ा (1 नग): वर के बैठने के लिए।
- तांग-पाट: परंपरागत उपयोग के लिए।
- मोरी वधु के लिए (1 नग): परंपरागत रस्मों के लिए।
- घुंघरू वाला रक्षा सूत्र: महिलाओं को बांधने के लिए।
- मिट्टी के चूल्हे (2 नग): परंपरागत उपयोग।
- आम का पल्लव (1 नग): हवन और मंडप में।
- पान का पत्ता (11 नग): पूजा सामग्री में।
- फूल पत्ते (4 नग): सजावट और पूजा में।
- फूल माला (500 मिनट): वरमाला और मंडप में।
- फूल (500 मिनट): पूजा और सजावट में।
- फल और मिष्ठान: भगवान को अर्पित करने और मेहमानों के लिए।
- दूध और दही: सत्यनारायण कथा और रस्मों में।
- हरी दूब घास: शुभता का प्रतीक।
- तेल (चढ़ाने हेतु): पूजा में अर्पण के लिए।
कन्या पक्ष हेतु विवाह पूजन सामग्री (List of Marriage Items For Bride Indian)
- रोली (1 पैकेट): तिलक लगाने और पूजा में उपयोग।
- कलावा (3 पैकेट): कलाई पर बांधने के लिए शुभ धागा।
- सिंदूर (1 पैकेट): मांग भरने और पूजा में।
- लोंग (1 पैकेट): हवन सामग्री में।
- प्रतीक (1 पैकेट): पूजा चिह्न के लिए।
- सुपारी (11 नग): पूजन अर्पण में।
- गारीगोला (3 नग): रस्मों में उपयोग।
- एक (1 शीशी): पूजा सामग्री का हिस्सा।
- इत्र (1 शीशी): सुगंधित वातावरण के लिए।
- गंगाजल (1 शीशी): शुद्धिकरण के लिए।
- पीला कपड़ा (सवा मीटर): मंडप और पूजा के लिए।
- लाल कपड़ा (आधा मीटर): सजावट और पूजा सामग्री।
- धूपबत्ती (1 पैकेट): सुगंध और वातावरण शुद्धि हेतु।
- कपूर (50 ग्राम): आरती और हवन में।
- देशी घृत (500 मिनट): हवन और दीपक जलाने के लिए।
- नवग्रह चावल (1 पैकेट): नवग्रह पूजन में।
- हल्दी खड़ी (7 नग): पूजा और रस्मों में।
- हल्दी पीसी (100 मिनट): शुभता के लिए।
- जनेऊ (7 नग): पूजन कर्म के लिए।
- सकोरा (5 नग): रस्मों और हवन में।
- मिट्टी के दीये (20 नग): दीप प्रज्वलन के लिए।
- पीली सरसों (50 ग्राम): हवन और पूजा में।
- हवन सामग्री (500 मिनट): हवन क्रिया के लिए।
- आम की लकड़ी (2 वाँ): हवन सामग्री का भाग।
- पंचमेवा (200 ग्राम): प्रसाद में उपयोग।
- जौ (50 मिनट): कलश और पूजा में।
- सरसों का तेल (500 मिनट): दीपक और रस्मों के लिए।
- बताशा (250 मिनट): मिठास और शुभता के प्रतीक।
- कोहबर चार्ट (1 नग): परंपरागत प्रतीक।
- कंकन (1 नग): वर और वधु के लिए शुभ धागा।
- गुड़ (200 मिनट): प्रसाद और पूजा में।
- हवन कुंड (1 नग): हवन के लिए।
- सजा हुआ कलश (1 नग): पूजा स्थल में उपयोग।
- देव-पितृ निमंत्रण कलशी (4 नग): निमंत्रण के लिए।
- सजा हुआ खंभ (1 नग): मंडप सजावट के लिए।
- डीवट एवं माई मोरी (1 नग): रस्मों में।
- सजा हुआ कनस्तर (1 नग): खंभ गाड़ने में।
- धान का लावा (200 मिनट): पूजा और हवन में।
- लोहे के छल्ले (7 नग): शुभता के लिए।
- सजी हुई चौकी (2 नग): वर-वधु के लिए।
- लोटा और थाली (1 नग): पैर पूजन और अन्य रस्मों के लिए।
- आम का पल्लव (5 नग): हवन और पूजन में।
- फूल और माला (5 नग): मंडप और पूजा में।
- पान (11 पत्ते): पूजा सामग्री का हिस्सा।
- हरी दूब घास: शुभता के लिए।
- बालू (15 वाँ): खंभ गाड़ने में।
- पंचामृत और पंजीरी: कथा के लिए।
- सिल पोहन हेतु धूलि उड़द (500 मिनट): विशेष रस्मों के लिए।
- फल और मिठाई: पूजा और प्रसाद के लिए।
तिलक समारोह के लिए पूजन सामग्री (Tilak Item List)
- लगन पत्रिका: शुभ मुहूर्त और विवाह की घोषणा के लिए।
- जटावाला सूखा नारियल: तिलक समारोह में शुभता का प्रतीक।
- बड़ा थाल: पूजन सामग्री रखने के लिए।
- बड़ी वाली सुपारी: पूजा अर्पण और रस्मों में उपयोग।
- खड़ी हल्दी: शुभता और रस्मों के लिए।
- पीला कलर किया हुआ चावल: तिलक और पूजा में शुभता का संकेत।
- चंदन लकड़ी: पूजन में पवित्रता के लिए।
- सात मीटर श्वेत कपड़ा (थाल लगाने वाला): पूजन थाल सजाने के लिए।
घर से सामग्री (Items from Home)
- मिष्ठान (500 ग्राम): पूजा और तिलक के बाद मिठास का प्रतीक।
- पान के पत्ते (21 पीस): पूजा और रस्मों में आवश्यक।
- मीठे पान (2 पीस): द्वारचार पूजा के लिए।
- केले के पत्ते (5 पीस): पूजा और प्रसाद रखने के लिए।
- आम के पत्ते (2 द): कलश सजाने और शुद्धि के लिए।
- ऋतु फल (5 प्रकार): पूजा में भोग लगाने के लिए।
- दूब घास (100 ग्राम): तेल चढ़ाने और पूजन के लिए।
- फूल हार (गुलाब): वरमाला या पूजा में उपयोग।
- फूल हार (गेंदे): सजावट और पूजा के लिए।
- गुलाब/गेंदा का खुला फूल (1 किलो): पूजन और सजावट के लिए।
- तुलसी की पत्ती (5 पीस): पूजा और कलश में उपयोग।
- दूध (1 लीटर): अभिषेक और भोग के लिए।
- अखंड दीपक (1 पीस): निरंतर जलने वाले दीपक के लिए।
- पीतल का कलश (1 पीस): जल भरकर पूजा के लिए।
- थाली (4 पीस): पूजा सामग्री रखने के लिए।
- लोटे (2 पीस): जल और दूध रखने के लिए।
- कटोरी (4 पीस): चंदन, हल्दी आदि रखने के लिए।
- परात (2 पीस): आटा और अन्य सामग्री रखने के लिए।
- मिट्टी के चूल्हे (2 पीस): देव-पितृ सौभाग्य के लिए।
- उड़द की दाल भीगी (500 ग्राम): सिल धोने और पूजा के लिए।
- कैंची/चाकू (1 पीस): लड़ी और अन्य सामग्री काटने के लिए।
- जल: पूजन के लिए।
- गाय का गोबर: गौर बनाने और पूजा में उपयोग के लिए।
- मिट्टी/बालू: खंभ गाड़ने और पूजा में उपयोग के लिए।
- ऐड का आसन: वर और वधु के बैठने के लिए।
डाल वाला सामान (Mandap Pujan List)
- गौरी-गणेश (आटे से निर्मित) – 1 पीस: पूजन में मंगल कार्य का प्रतीक।
- दाल – 1 पीस: शुभता और समृद्धि के लिए।
- मौरी (वधु हेतु) – 1 पीस: वधु के लिए शुभ वस्त्र।
- ताग-पाट (चाँदी, स्वर्ण या साधारण) – 1 पीस: विवाह के धार्मिक अनुष्ठान के लिए।
- सिन्दौरा (माँग भरने हेतु) – 1 पीस: वधु की मांग भरने के लिए।
- सिन्दौरी (पूजन हेतु) – 1 पीस: देवी पूजन के लिए।
- सिंदूर (पीला या लाल) – 50 ग्राम: सौभाग्य और पूजन सामग्री में उपयोग।
- धान का लावा – 500 ग्राम: मंगल कलश और पूजन सामग्री के लिए।
- पंचमेवा (मखाने, काजू, बादाम, सूखा नारियल, छुहारा): कोछा और भोग सामग्री के लिए।
- सुहाग सामग्री (साड़ी, बिंदी, सिंदूर, चूड़ी, आलता, नाक की कील, पायल): वधु के सौंदर्य और सुहाग का प्रतीक।
द्वारचार पूजन सामग्री (Dwarchar Marriage List)
- स्टील की टंकी – 2 पीस: पूजा के दौरान जल रखने और छिड़काव के लिए।
- कलसी (पीतल की) – 2 पीस: मंगल कलश की स्थापना और पूजा में उपयोग।
- दीपक – 2 पीस: शुभ कार्य के दौरान रोशनी और आरती के लिए।
- पीतल की आरती हेतु – 1 पीस: आरती करने के लिए पवित्र और पारंपरिक पात्र।
कन्यादान पूजन सामग्री (Kanyadaan Pujan List)
- पीतल की – 1 पीस: कन्यादान की रस्म में पवित्रता के लिए पीतल का बर्तन।
- करवा या पीतल का – 1 पीस: जल और पूजन सामग्री रखने के लिए।
- एट की लोई – 1 पीस: शुभ अवसर पर उपयोग की जाने वाली मिट्टी की विशेष वस्तु।
- धोती (पीली/लाल) वर हेतु – 1 पीस: वर को समर्पित करने के लिए परंपरागत वस्त्र।
- पचहान के बर्तन (कन्या को देने हेतु): विवाह के बाद कन्या को गृहस्थी के लिए प्रदान किए जाने वाले आवश्यक बर्तन।
- कुंरी – 1 पीस: कन्यादान की पूजा में उपयोग की जाने वाली पात्र।
- अंगोछा – 1 पीस: वर को सम्मानित करने के लिए।
- पूजा में रखने हेतु सिंदुरा – 1 पीस: विवाह की रस्मों में पूजन के लिए आवश्यक सामग्री।
ब्राह्मणों के लिए वर्ण सामग्री (Brahmins Varna Samargi)
- धोती: ब्राह्मणों के लिए पारंपरिक परिधान, पूजा के दौरान पहनने के लिए।
- कुर्ता: धोती के साथ पूजा में पहनने के लिए ब्राह्मणों का वस्त्र।
- अंगोछा: शुद्धता और सम्मान के प्रतीक के रूप में पूजा में उपयोगी।
- पंच पात्र: पूजा सामग्री जैसे जल, फूल, और तुलसी रखने के लिए आवश्यक।
- माला: मंत्र जाप और पूजा के दौरान ब्राह्मणों के लिए पवित्र माला।
- मिट्टी का कलश (बड़ा): पूजा में जल भरने और अभिषेक के लिए।
- मिट्टी का कलश (छोटा) देव-पितृ हेतु – 4 पीस: देवताओं और पितरों के निमित्त जल या प्रसाद चढ़ाने के लिए।
- टोटी वाला देव-पितृ कृपा हेतु – 1 पीस: देवताओं और पितरों की पूजा में जल प्रवाह के लिए।
- मिट्टी का प्याला/दियाली – 8-8 पीस: हवन और दीप प्रज्वलित करने के लिए।
- हवन कुण्ड: यज्ञ और हवन के लिए अग्नि स्थापन हेतु।
सामग्री की व्यवस्था कैसे करें?
- पूरी लिस्ट बनाएं: पंडितजी से सलाह लेकर शादी से पहले सभी आवश्यक सामग्री तैयार करें।
- ऑनलाइन किट: बाजार में आजकल विवाह पूजन सामग्री के पूरे सेट उपलब्ध हैं।
- स्थानीय बाजार से खरीदारी करें: यह शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
विवाह पूजा विधि (Vivah Pujan Vidhi)
विवाह पूजा एक धार्मिक और भावनात्मक अनुष्ठान है, जिसे श्रद्धा और ध्यान से किया जाना चाहिए। यहाँ विवाह पूजा की विधि को चरण दर चरण समझाया गया है:
- वेदी (मंडप) की तैयारी:
- पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें।
- वहां एक मंडप या वेदी स्थापित करें और उस पर देवताओं की मूर्तियाँ या चित्र रखें।
- भगवान गणेश का आह्वान:
- पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करें, ताकि सभी बाधाएं दूर हों।
- गणेश को फूल, धूप, और मोदक (मिठाई) अर्पित करें।
- कलश स्थापना:
- एक कलश में जल भरें, उसके मुंह पर आम के पत्ते रखें और उस पर नारियल रखें।
- कलश को वेदी पर रखें, क्योंकि यह विभिन्न देवताओं की उपस्थिति का प्रतीक है।
- नवग्रह पूजा:
- नौ ग्रह देवताओं की पूजा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
- प्रत्येक ग्रह के मंत्रों का जाप करते हुए चावल, फूल और जल अर्पित करें।
- कन्यादान (दुल्हन को विदा करना):
- दुल्हन के पिता, मंत्रों का उच्चारण करते हुए, दुल्हन का हाथ दूल्हे को सौंपते हैं।
- यह चरण विवाह का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक हिस्सा है, जो जिम्मेदारी का हस्तांतरण दर्शाता है।
- मंगल फेरे (पवित्र फेरे):
- दम्पति अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते हैं। हर फेरा एक अलग प्रतिज्ञा का प्रतीक है।
- अग्नि को इन प्रतिज्ञाओं का साक्षी माना जाता है।
- सिंदूर और मंगलसूत्र:
- दूल्हा दुल्हन के माथे पर सिंदूर लगाता है और मंगलसूत्र उसके गले में बांधता है।
- सिंदूर और मंगलसूत्र वैवाहिक स्थिति और सुरक्षा के प्रतीक होते हैं।
- आरती और आशीर्वाद:
- पूजा का समापन आरती से करें और उपस्थित सभी लोगों से आशीर्वाद प्राप्त करें।
- सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित करें।
निष्कर्ष:
विवाह पूजन की तैयारी (Wedding Puja Samagri) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र कार्य है, जिसमें हर एक कदम की योजना और हर एक वस्तु का चयन ध्यानपूर्वक किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि समारोह में कोई कमी न हो और हर आवश्यक तत्व मौजूद हो, इस लेख में दी गई विवाह सामग्री सूची एक व्यापक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करती है। इस प्रक्रिया में शामिल वस्तुएं न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं, बल्कि सांस्कृतिक संदर्भ में भी उनका विशेष स्थान है।
विवाह पूजन के दौरान पवित्रता और श्रद्धा बनाए रखने के लिए इन वस्तुओं का चयन प्रतिष्ठित विक्रेताओं से करना बेहद जरूरी है। ध्यान रखें कि विवाह समारोह केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं होता, बल्कि यह एक दिव्य और पवित्र बंधन की शुरुआत है। इसलिए इस बंधन का सम्मान करना और इसे पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है।